khalaa zindagi ko main khalta raha phir | खला ज़िंदगी को मैं खलता रहा फिर

  - Manmauji
खलाज़िंदगीकोमैंखलतारहाफिर
नतीजनपरेशाँभटकतारहाफिर
मैंफ़त्वोंसेउसकेदहलतारहाफिर
लहूख़्वाहिशोंकागटकतारहाफिर
क़ज़ाकोमेरीमुख़बिरीलगरहीथी
लिहाज़ामैंचहरेबदलतारहाफिर
लबोंकीयेलर्ज़िशथीगिरवीकिसीको
तोपानीमेंप्यासातड़पतारहाफिर
सुनाथाकिसजदोंसेमिलतीमोहब्बत
फ़िदाईमैंमाथारगड़तारहाफिर
अनाकोफ़नाकर,नाखटकाकिसीको
ख़ुदअपनीनज़रमेंखटकतारहाफिर
हँसीसूटकरतीहैचहरेपेमौजी
किसीनेकहाथा,तोहँसतारहाफिर
  - Manmauji
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