ग़ैरों पे खुल न जाए कहीं राज़ देखना

  - Momin Khan Momin
ग़ैरोंपेखुलजाएकहींराज़देखना
मेरीतरफ़भीग़म्ज़ा-ए-ग़म्माज़देखना
उड़तेहीरंग-ए-रुख़मिरानज़रोंसेथानिहाँ
इसमुर्ग़-ए-पर-शिकस्ताकीपरवाज़देखना
दुश्नाम-ए-यारतब-ए-हज़ींपरगिराँनहीं
हम-नफ़सनज़ाकत-ए-आवाज़देखना
देखअपनाहाल-ए-ज़ारमुनज्जिमहुआरक़ीब
थासाज़गारताला-ए-ना-साज़देखना
बद-कामकामआलबुराहैजज़ाकेदिन
हाल-ए-सिपहर-ए-तफ़रक़ा-अंदाज़देखना
मतरखियोगर्द-ए-तारिक-ए-उश्शाक़परक़दम
पामालहोजाएसर-अफ़राज़देखना
मेरीनिगाह-ए-ख़ीरादिखातेहैंग़ैरको
बे-ताक़तीपेसरज़निश-ए-नाज़देखना
तर्क-ए-सनमभीकमनहींसोज़-ए-जहीमसे
'मोमिन'ग़म-ए-मआलकाआग़ाज़देखना
  - Momin Khan Momin
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