अबयेसोचूँतोभँवरज़ेहनमेंपड़जातेहैं
कैसेचेहरेहैंजोमिलतेहीबिछड़जातेहैं
क्यूँँतिरेदर्दकोदेंतोहमत-ए-वीरानी-ए-दिल
ज़लज़लोंमेंतोभरेशहरउजड़जातेहैं
मौसम-ए-ज़र्दमेंइकदिलकोबचाऊँकैसे
ऐसीरुतमेंतोघनेपेड़भीझड़जातेहैं
अबकोईक्यामिरेक़दमोंकेनिशाँढूँडेगा
तेज़आँधीमेंतोख़े
मेंभीउखड़जातेहैं
शग़्ल-ए-अर्बाब-ए-हुनरपूछतेक्याहोकियेलोग
पत्थरोंमेंभीकभीआइनेजड़जातीहैं
सोचकाआइनाधुँदलाहोतोफिरवक़्तकेसाथ
चाँदचेहरोंकेख़द-ओ-ख़ालबिगड़जातेहैं
शिद्दत-ए-ग़ममेंभीज़िंदाहूँतोहैरतकैसी
कुछदिएतुंदहवाओंसेभीलड़जातेहैं
वोभीक्यालोगहैं'मोहसिन'जोवफ़ाकीख़ातिर
ख़ुद-तराशीदाउसूलोंपेभीअड़जातेहैं