ghup andhera tha jaa-b-jaa mujh men | घुप अँधेरा था जा-ब-जा मुझ में

  - mohsin bhai sk
घुपअँधेराथाजा-ब-जामुझमें
रातरहतीथीबा-ख़ुदामुझमें
मैंतोसरकोझुकाएबैठाथा
इश्क़नेसरउठालियामुझमें
ग़मयहाँसेनिकलनहींपाया
चारजानिबथाहाशियामुझमें
मेराहीरूपधारकरकोई
देरतकचीख़तारहामुझमें
जानेकिसकिसनेरातकाटीयहाँ
जानेकिसकिसकोतूमिलामुझमें
छतगिराईतोरास्तानिकला
फिरतमाशासालगगयामुझमें
मेरीतहतकपहुँचनहींपाया
एकपत्थरजोगिरपड़ामुझमें
तेरीआवाज़गूँजतीथीकभी
अबतोरहताहैबसख़लामुझमें
सारेमंज़रछुपादिएउसने
वोजोतेराग़ुबारथामुझमें
फलहीफलथेयहाँवहाँ'मोहसिन'
इकशजरथाझुकाहुआमुझमें
  - mohsin bhai sk
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