ye labon se jo may ko lag | ये लबों से जो मय को लगाए हुए हैं सनम

  - Ankur Mishra
येलबोंसेजोमयकोलगाएहुएहैंसनम
हाँतिरीतिश्नगीकेसताएहुएहैंसनम
रहजाएखड़ीयेमोहब्बतकहींसर-ब-सर
सोचतेहैंफ़लकसेजोआएहुएहैंसनम
छोड़दोज़िंदगीकाभरमज़िंदगीकेलिए
औरभीफूलशाखोंपेआएहुएहैंसनम
आज़मातेहैंयादोंकोतेरीसबबख़ुदकेहम
ज़ख़्मसेज़ख़्महाँहमभीखाएहुएहैंसनम
  - Ankur Mishra
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