sapnon ka vo yahaañ ghar li.e firte hain | सपनों का वो यहाँ घर लिए फिरते हैं

  - Ankur Mishra
सपनोंकावोयहाँघरलिएफिरतेहैं
आँखोंमेंजोसमुंदरलिएफिरतेहैं
दास्ताँख़त्महोजानीहैसबकीपर
ज़ख़्मसबगहरेअंदरलिएफिरतेहैं
मुद्दतोंबादभीकोईलौटानहीं
ख़ामख़ाआँखोंकोतरलिएफिरतेहैं
एकअर्साहुआख़ुदसेमुझकोमिले
लोगक्यूँशहरमेंघरलिएफिरतेहैं
जानेकबकैसेमिलजाएकोईयहाँ
अबयहीदिलमेंहमडरलिएफिरतेहैं
  - Ankur Mishra
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