na gul khilte na mausam hi badalta hai | न गुल खिलते न मौसम ही बदलता है

  - Ankur Mishra
गुलखिलतेमौसमहीबदलताहै
मैंसाँसेंभरताहूँतोदिलयेजलताहै
करूँँऐलानक्यामैंउसमोहब्बतका
जहाँबसजिस्महीजलतापिघलताहै
धुआँसाहैयहाँहरओरजानेक्यूँ
यहाँवोकौनहैजोबचकेचलताहै
उसीदरपेक़दमयेजाठहरतेहैं
जहाँसेबचकेअक्सरदिलनिकलताहै
मोहब्बतभीअजबशयहैयेअंकुरपर
येदिलभीतोउसीसेयारचलताहै
  - Ankur Mishra
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