hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
kya kahein kaise guzaari hai
kya kahein kaise guzaari hai | क्या कहें कैसे गुज़ारी है
- Ankur Mishra
क्या
कहें
कैसे
गुज़ारी
है
इक
बला
हमने
उतारी
है
छोड़
दो
तुम
हाथ
मेरा
अब
जंग
ख़ुद
से
मेरी
जारी
है
जाऊँ
लेकर
मैं
कहाँ
ख़ुद
को
मुझ
पे
मेरी
ही
उधारी
है
बरसों
से
सोया
नहीं
हूँ
मैं
आँखों
में
अब
भी
ख़ुमारी
है
कब
से
जो
देखा
नहीं
मैंने
शाम
इक
वो
प्यारी
प्यारी
है
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
खेल
कर
ये
जुआ
देखना
पहलू
वो
अन-छुआ
देखना
माना
मुश्किल
है
जीना
मगर
माँगकर
तुम
दु'आ
देखना
होश
आ
जाए
शायद
तुम्हें
घर
वो
जलता
हुआ
देखना
बाद
सोने
के
मेरे
बशर
जिस्म
मेरा
मुआ
देखना
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
हर-सू
वो
चेहरा
नज़र
आए
देख
जिसको
आँख
भर
आए
तंग
है
माना
गली
लेकिन
घर
मिरे
भी
तो
सहर
आए
ख़ैरियत
मत
पूछो
मेरी
पर
उसकी
तो
कोई
ख़बर
आए
थक
गई
हैं
आँखें
मेरी
अब
वो
ज़मीं
अब
तो
नज़र
आए
रख
सकूँ
काँधे
पे
सर
जिसके
लौट
अब
तो
वो
बशर
आए
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
हम
भी
पढ़ते
पर
मोहब्बत
में
हर्फ़
दिखते
हैं
कहाँ
ख़त
में
आइने
की
सम्त
बैठा
है
आइना
इक
तेरी
सूरत
में
बा-वफ़ा
होकर
भी
अंकुर
ने
है
गुज़ारी
बस
जहालत
में
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
हद
की
हद
तक
गुज़र
जाने
दो
ज़ख़्म
सारे
उभर
आने
दो
बरसों
देखा
है
रस्ता
तो
ये
इश्क़
अब
यार
हो
जाने
दो
जाने
फिर
कब
हो
मिलना
यहाँ
थोड़ा
तो
हम
को
इठलाने
दो
तुम
वफ़ा
चाहे
फिर
मत
करो
हमको
तो
ज़ख़्म
ये
खाने
दो
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
हर
सफ़र
में
हम-सफ़र
मिलता
नहीं
ढूंढते
हैं
पर
वो
दर
मिलता
नहीं
मुस्तक़िल
है
आज़माना
पर
उसे
मुस्तक़िल
वो
सर-ब-सर
मिलता
नहीं
आइने
की
सम्त
बैठा
हूँ
मगर
इस
शजर
से
वो
बशर
मिलता
नहीं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Mulaqat Shayari
Gulshan Shayari
Hug Shayari
Tanz Shayari
Aahat Shayari