ek patthar ko apna KHuda maan kar | एक पत्थर को अपना ख़ुदा मान कर

  - Ankur Mishra
एकपत्थरकोअपनाख़ुदामानकर
पीलियाज़हरमैंनेदवाजानकर
आख़िरीहैसफ़रउसगलीमेंमिरा
पाँवउठतेनहींमेरेयेजानकर
हैअभीभीनिशाँसीनेपेवोमिरे
दिलधड़कताहैअपनाजिसेमानकर
अश्कबहतेहैंदिखतेनहींक्याकरें
ढूँढ़लोख़ुदहीमोतीयेपहचानकर
  - Ankur Mishra
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