hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
dil jalaakar raushni kii hai
dil jalaakar raushni kii hai | दिल जलाकर रौशनी की है
- Ankur Mishra
दिल
जलाकर
रौशनी
की
है
नाम
उसके
ज़िंदगी
की
है
भूलूँ
कैसे
उसको
मैं
यूँँ
हीं
जिसकी
मैंने
बंदगी
की
है
छोड़
दो
तन्हा
ही
मुझको
तुम
दिल
ने
ख़्वाहिश
आख़िरी
की
है
मुद्दतों
देखा
नहीं
ख़ुद
को
इतनी
मैंने
आशिक़ी
की
है
कैसे
जाऊँ
दूर
उस
सेे
मैं
जिसकी
ख़ातिर
ख़ुद-कुशी
की
है
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
मैं
यक़ीं
तो
दिलाता
हूँ
आता
नहीं
अब
गले
वो
किसी
को
लगाता
नहीं
सम्त
मेरे
है
तस्वीर
मेरी
मगर
कोई
क्यूँ
ये
जनाज़ा
उठाता
नहीं
कर
न
दे
राख
कोई
बुझा
कर
मुझे
इसलिए
लौ
बदन
की
जलाता
नहीं
चंद
क़तरे
ही
हैं
दस्तरस
में
मिरी
जाम
भरता
हूँ
पी
यार
पाता
नहीं
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
इक
ग़म-ए-हिज्र
दोनों
उठाए
हुए
रात
सोए
नहीं
ख़्वाब
आए
हुए
एक
मुद्दत
हुई
ज़िंदगी
से
मिले
एक
अर्सा
हुआ
दिल
लगाए
हुए
इसलिए
कोई
करता
नहीं
अब
वफ़ा
जल
न
जाऍं
दिए
फिर
बुझाए
हुए
शाम
ढ़लती
है
होती
नहीं
पर
सहर
रात
बैठी
है
साँसें
दबाए
हुए
किस
तरह
राब्ता
कोई
अंकुर
से
हो
ख़ुद
को
रखता
है
ख़ुद
में
छुपाए
हुए
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
1 Like
पलकों
पे
जो
शबनम
लिए
फिरते
रहे
तेरा
ही
था
जो
ग़म
लिए
फिरते
रहे
नम
ख़्वाहिशों
की
इस
ज़मीं
पे
बेसबब
तर
ख़्वाब
हम-दम
हम
लिए
फिरते
रहे
वीरान
सी
आँखों
में
जान-ए-जाँ
कई
हम
मुख़्तसर
मौसम
लिए
फिरते
रहे
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
इक
धड़कते
दिल
को
पत्थर
कर
गया
ज़ख़्म
इतने
मेरे
अंदर
कर
गया
साफ़
कुछ
भी
अब
नज़र
आता
नहीं
ख़ुश्क
आँखों
को
समुंदर
कर
गया
डर
रहा
था
मैं
जिसे
छूने
से
भी
जाने
घर
कब
मेरे
अंदर
कर
गया
आख़िरी
है
इश्क़
मेरा
इस
दफ़ा
बोलकर
ख़ाली
समुंदर
कर
गया
दोस्त
बन
कर
साथ
था
दुश्मन
मिरे
नाम
जिसके
मैं
मुक़द्दर
कर
गया
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
रब्त
है
मुझको
चराग़-ए-शाम
से
थक
गया
हूँ
रहबरी
के
काम
से
लौट
आऊँगा
अगर
आवाज़
दो
इश्क़
है
मुझको
भी
मेरे
नाम
से
फाड़
कर
टुकड़ों
में
लौटाया
मुझे
ख़त
किसी
ने
वो
बड़े
आराम
से
आदतन
उसको
भुला
पाया
नहीं
इसलिए
डरता
हूँ
मैं
अंजाम
से
है
बुरी
आदत
ये
लेकिन
क्या
करें
इश्क़
है
तो
है
किनार-ए-बाम
से
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Zulf Shayari
Sarhad Shayari
Broken Shayari
Nature Shayari
DP Shayari