zindagi roz koii taaza safar maangti hai | ज़िंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र माँगती है

  - Meraj Faizabadi
ज़िंदगीरोज़कोईताज़ासफ़रमाँगतीहै
औरबेचारीथकनशामकोघरमाँगतीहै
तुझसेमैंकैसेमिलूँकैसेनिभाऊँरिश्ता
दुश्मनीभीतोबहरहालहुनरमाँगतीहै
पहलेताईदतलबकरतेथेरहबरअपने
इनदिनोंकैसीसियासतहैजोसरमाँगतीहै
हरक़दमपररसन-ओ-दारदिखाईदेंगे
पैरवीसचकीमेरेयारजिगरमाँगतीहै
मुझकोसूलीपेचढ़ाकरभीदुखीहैदुनिया
वोमेरीमौतनहींआँखोंमेंडरमाँगतीहै
  - Meraj Faizabadi
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