naqsh baithe hai kahaan khwahish-e-aazaa | नक़्श बैठे है कहाँ ख़्वाहिश-ए-आज़ादी का

  - Meer Taqi Meer
नक़्शबैठेहैकहाँख़्वाहिश-ए-आज़ादीका
नंगहैनामरिहाईतिरीसय्यादीका
दाददेवर्नाअभीजानपेखेलूँहूँमैं
दिलजलानानहींदेखाकिसीफ़रियादीका
तूनेतलवाररखीसररखामेंबंदाहूँ
अपनीतस्लीमकाभीऔरतिरीजल्लादीका
शहरकीसीरहीरौनक़उसीकेजीते-जी
मरगयाक़ैसजोथाख़ानाख़ुदावादीका
शैख़क्यासूरतेंरहतीथींभलाजबथादैर
रू-ब-वीरानीहोइसका'बेकीआबादीका
रेख़्तारुत्बेकोपहुँचायाहुआउसकाहै
मो'तक़िदकौननहीं'मीर'कीउस्तादीका
  - Meer Taqi Meer
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