mere ashk-e-ravaan se uthata hai | मेरे अश्क-ए-रवाँ से उठता है

  - Meena Bhatt
मेरेअश्क-ए-रवाँसेउठताहै
ग़मकासागरयहाँसेउठताहै
आहजबभीगरीबहैभरता
शोरसारेजहाँसेउठताहै
अश्कआँखोंकेतबनहींथमते
जबजनाज़ामकाँसेउठताहै
बेअसरलगतीहैंदुआएँसब
कोईजबदरमियाँसेउठताहै
पूछताफिरउसेनहींकोई
रबकेजोआस्ताँसेउठताहै
आगमेंडालतीहैघीदुनिया
जबधुआँआशियाँसेउठताहै
होगएहालबदसेभीबदतर
दूदअम्न-ओ-अमाँसेउठताहै
अश्कोंकाबोझहैबड़ाभारी
कबकिसीना-तवाँसेउठताहै
आगलगतीजिगरमेंहैमीना
जबवोमेरेयहाँसेउठताहै
  - Meena Bhatt
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