kya sitam ham pe dhaa ga.e aañsu | क्या सितम हम पे ढा गए आँसू

  - Meena Bhatt
क्यासितमहमपेढागएआँसू
यादउनकीदिलागएआँसू
चंदलम्हेजोठहरेगालोंपर
ज़ातअपनीदिखागएआँसू
भूलेहमशिकवेऔरगिलेसारे
दिलसेदिलकोमिलागएआँसू
कौनजानेगाइनकीगहराई
इकसमुंदरबहागएआँसू
आजमँझधारमेंपड़ीहूँमैं
मेरासबकुछमिटागएआँसू
एकतूफ़ाँउठाथासीनेमें
कुछदिलासादिलागएआँसू
मुस्कुराहटसीआईचेहरेपर
जादूअपनाचलागएआँसू
जोलगायाथाहमनेशिद्दतसे
साराकाजलचुरागएआँसू
सारेपर्देउठागए'मीना'
अनकहासबबतागएआँसू
  - Meena Bhatt
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