kisi duty pe kab afsar raha hai | किसी ड्यूटी पे कब अफ़सर रहा है

  - Meena Bhatt
किसीड्यूटीपेकबअफ़सररहाहै
शिकायतकाफ़क़तदफ़्तररहाहै
हमेशाग़मकाहीलश्कररहाहै
जोकाँटोंकामेराबिस्तररहाहै
ज़मींकीचाहतेंतोहैंअज़लसे
बहाजोअश्कयेअंबररहाहै
ठहरताहीनहींहैएकपलको
मेरीक़िस्मतकाजोचक्कररहाहै
सियासतभीगिरेक़दमोंमेंआकर
क़लमकाऐसाहीतेवररहाहै
अजबमंज़रयेदेखाशहरकाभी
गुलोंकेहाथमेंख़ंजररहाहै
वोदिलकोमारकरठोकरचलेयूँँ
किजैसेदिलमेरापत्थररहाहै
सुख़नकीजानथेवोमीर-ओ-ग़ालिब
नहींउनसाकोईशायररहाहै
उठीआँगनमेंहैदीवारजबसे
कहाँपहलेसा'मीना'घररहाहै
  - Meena Bhatt
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