मुझेधुआँनसमझआसमानहीहूँमैं
ज़मीनसेहीजुड़ाक़द्र-दानहीहूँमैं
नएसवालनईराहज़ुल्मत-ए-शबकी
रह-ए-सफ़रपेदियावोबयानहीहूँमैं
पढ़ेलिखेभीकरेहैंसवालहीकितने
जवाबझूठनदोइम्तिहानहीहूँमैं
लड़ेभीऔरहरायाभीजबउन्हेंहमने
असीमतीरचलायाकमानहीहूँमैं
रहेखटासपुरानीकिसीसेभीलेकिन
अना-परस्तनहींआन-बानहीहूँमैं
कभीमक़ाममिलायेपतानहींमुझको
लड़ाउसीकेलिएहाँगुमानहीहूँमैं
कभीसवालकिसीकेबिखेरदेतेहैं
जवाबदिलसेसुनोबे-ज़ुबानहीहूँमैं