रोष इतना बढ़ा-बढ़ा सा है

  - Manohar Shimpi
रोषइतनाबढ़ा-बढ़ासाहै
हरकोईफिरख़फ़ा-ख़फ़ासाहै
एकइल्ज़ामसेहीदिलटूटा
फिरभीतेरानशा-नशासाहै
हुस्नभीशबनमीलगातेरा
फूलजैसेखिला-खिलासाहै
इकबड़ेहादिसेसेहीयारों
दिल-जलाफिरख़फ़ा-ख़फ़ासाहै
गुफ़्तगूक्याकरेकिसीसेअब
हिज्रमेंदिलबुझा-बुझासाहै
बाग़मेंफूलएकऐसाहै
रंगउसकाउड़ा-उड़ासाहै
हश्रभीइम्तिहानहीलेता
हाँनतीजाभला-भलासाहै
  - Manohar Shimpi
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