qalb bhi gham se bhar gaya kab ka | क़ल्ब भी ग़म से भर गया कब का

  - Manohar Shimpi
क़ल्बभीग़मसेभरगयाकबका
टूटकेफिरबिखरगयाकबका
हादिसेकेलिएकरेंक्याही
रोषथाजोउतरगयाकबका
यूँँबिछड़करकहाँमिलेसाहिल
ख़ासलम्हागुज़रगयाकबका
अबचलोबातऔरकरतेहैं
देखोतूफाँठहरगयाकबका
दोस्तकहतेउसेहुआक्याहै
थावोबिगड़ासुधरगयाकबका
ज़िक्रजिसकासभीकरेहैंवो
क़ैदसकैसेघरगयाकबका
गुम-शुदाशख़्सजो'मनोहर'था
शोर-ग़ुलमेंवोमरगयाकबका
  - Manohar Shimpi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy