maun hothon se jhuki palkon se sharmaai hui | मौन होंठों से झुकी पलकों से शर्माई हुई

  - Manohar Shimpi
मौनहोंठोंसेझुकीपलकोंसेशर्माईहुई
हुस्नकेइकइकअदासजैसेललचाईहुई
हुस्नकाबाज़ारकिसनेयूँँबसायाहैवहाँ
कोईगुज़रेउसगलीसेकैसेरुसवाईहुई
बैठतेहैंख़ामुशीसेएककमरेमेंअगर
बातकोईजबख़लिशकीहोवोतन्हाईहुई
ठोकरोंसेरास्ताउसनेबनायाहैकभी
सचकहूँलगतीनहींहैअबवोठुकराईहुई
जश्नकैसेहीमनाएजबबहनहोकर्बमें
देखलीहैमैंनेराखीजोतेरीआईहुई
इसज़मानेनेकियाअख्लाक़कोभीशर्मसार
इसलिएकलियाँदिखेहैकोईमुरझाईहुई
तंजकसनाआमहीजबबातहोयारोतभी
गुफ़्तगूसेतब'मनोहर'कैसेरुसवाईहुई
  - Manohar Shimpi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy