जियामिराहीपुकारेकिसेबताऊँमैं
वफ़ानिभानसकीकैसेभूलजाऊँमैं
सफ़रजुनूनसेहीथाइसीलिएशायद
मिरेसनमनहुएवोकिसेबताऊँमैं
हसींजवानदिलोंकीवोधड़कनेंसारी
तिरीतरहवोमुझेहैलगेसुनाऊँमैं
रह-ए-वफ़ासेकहाँहीचलीसफ़रमेंमैं
मलालख़ूबउसीकाहुआछुपाऊँमैं
कभीदिखेनदिखेइश्क़कीगलीमेंजो
वफ़ा-शनासदिखेतोगलीबताऊँमैं
कलीखिलीनखिलीफिरकलीमहकतीहै
उसीमहकसेकभीक्यूँनमुस्कुराऊँमैं
चराग़बुतमेंशब-ओ-रोज़सबजलातीहूँ
इसीलिएही'मनोहर'दिएबनाऊँमैं