meri saansen shaam kii bheegi hawa men khul gaiin | मेरी साँसें शाम की भीगी हवा में खुल गईं

  - Malika Naseem
मेरीसाँसेंशामकीभीगीहवामेंखुलगईं
बंदकीआँखेंतोमाज़ीकीकिताबेंखुलगईं
वोजोबचपनमेंबनाईथीकभीदीवारपर
अबकिबारिशमेंवोतस्वीरेंभीसारीधुलगईं
करगईंमौजेंशरारतजबभीलिक्खातेरानाम
रेतपरजितनीलकीरेंथींवोमिल-जुलगईं
बंदआँखोंमेंसुनहरेख़्वाबठहरेथेमगर
ख़्वाबजबपहुँचेहक़ीक़ततकतोआँखेंखुलगईं
  - Malika Naseem
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