शैतान जाग जाता है वीरान होने पर

  - Harsh Kumar Bhatnagar
शैतानजागजाताहैवीरानहोनेपर
आँखोंकोमीचनानहींसुनसानहोनेपर
शायदसमझहीजाएवोआँखोंसेहाल-ए-दिल
नज़रोंकोमतचुरानातूहैरानहोनेपर
आसानमतबनायेमोहब्बतकेरास्ते
बचतानहींहैफिरकोईहलकानहोनेपर
किसकोपताकिसाँसोकारुकनालिखाहैकब
तूशे'रकहतेरहनापरेशानहोनेपर
कुछमुश्किलेंज़रूरीहैंइसज़िंदगीमेंदोस्त
वरनाबचेगाकुछनहींआसानहोनेपर
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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