kuchh baat kah raha hooñ mire paas kaan kar | कुछ बात कह रहा हूँ मिरे पास कान कर

  - Harsh Kumar Bhatnagar
कुछबातकहरहाहूँमिरेपासकानकर
येदिललगानेवालोंकोतूसावधानकर
गरहैग़लतनहींतोज़मानेसेक्यूँडरें
महफ़िलमेंबैठकरतूख़ुशीसेगुमानकर
कर्मोंकाफलज़रूरमिलेगातुझेकभी
बसआँखबंदकरकेख़ुशीसेतूदानकर
माँबापडाँटदेतोउन्हेंछोड़तेनहीं
बसइकदफ़ातूकृष्णकीबातोंकाध्यानकर
मैंमौतचाहताहूँसर-ए-बज़्ममेंकभी
ये'हर्ष'कीतूआख़िरीख़्वाहिशकामानकर
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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