is zindagi ko jeene ka mashwara ata kar | इस ज़िंदगी को जीने का मशवरा अता कर

  - Harsh Kumar Bhatnagar
इसज़िंदगीकोजीनेकामशवराअताकर
गरजीनाचाहताहैतोसबसेफ़ासलाकर
सबमाँगतेहैंमुझसेेग़ज़लोंमेंदर्दभीअब
तूतोड़देमुझेफिरसेमुझकोग़म-ज़दाकर
अबकौनहैतिरायेमालूमकैसेहोगा
चलइकदफ़ातूमरनेकाझूठाफ़ैसलाकर
उम्मीदतुझसेेरखतोसकतानहींमगरतू
दिलतोड़नेसेपहलेइकबारतोवफ़ाकर
उसरास्तेपेजाताहूँहमजहाँमिलेथे
वोशहरभूलनेकामौलातूफ़नअताकर
येलोगज़ख़्मदेकरख़ुशकैसेरहतेहैंअब
चलइकदफ़ातूभीइनलोगोंमेंदाख़िलाकर
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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