हरकिसीकोनहींहोतीहैंमुयस्सरग़ज़लें
चाँदतारोंकेअलावाभीहैंबेहतरग़ज़लें
अबकोईख़्वाबसतातानहींहमकोउसका
नींदआजातीहैअबरातकोपढ़करग़ज़लें
अबचराग़ोंसेकोईकामनहींलेंगेहम
घरकोरौशनकिएजातीहैंमुनव्वरग़ज़लें
ज़िंदगीजीनेकोछहचीज़ेंहीकाफ़ीहैंबहुत
इश्क़घर-बारअनादोस्तीदफ़्तरग़ज़लें
आपतलवारोंसेमक़्तलमेंबहाओगेख़ून
हमवरक़फाड़केफेंकेंगेयेनश्तरग़ज़लें
हमकोआतानहींरोतेहुएग़ज़लेंकहना
हमतोकहतेहैंसदाबज़्ममेंहँसकरग़ज़लें
चारग़ज़लोंसेहीअबकामलियाजाताहैदोस्त
यूँँतोरक्खीहैंमिरेपासबहत्तरग़ज़लें