दश्त में सामान-ए-इस्तिगराक़ कर सकते हैं हम

  - Mahnoor Rana
दश्तमेंसामान-ए-इस्तिगराक़करसकतेहैंहम
लम्हाभरमेंआँखकोनमनाककरसकतेहैंहम
‎तूहमारीताबपरमतजाबसअपनीकरगुज़र
‎हँसकेहाज़िरसीना-ए-सद-चाककरसकतेहैंहम
‎एकरख़्श-ए-मुंकिरींकीजुंबिश-ए-मेहमेज़से
‎रेज़ेरेज़ेलश्कर-ए-अफ़्लाककरसकतेहैंहम
‎बे-लिबासीअव्वलींपोशाकहोतीथीहमें
‎जितनाचाहेंपैरहनबे-बाककरसकतेहैंहम
‎सोचतेहैंरूहकीपरवानगीकेज़ो'ममें
‎क्याक़बा-ए-आदमियतचाककरसकतेहैंहम
‎कहरहेहैंहौज़-ए-कौसरपरबुलाकरयक-ब-यक
‎उम्र-भरकेज़हरकातिरयाक़करसकतेहैंहम
‎बे-निशाँरस्तोंपेनक़श-ए-पाबनाकरगए
‎औरक्यातज़ईनख़िश्त-ओ-ख़ाककरसकतेहैंहम
  - Mahnoor Rana
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