masaib uljhane be-taabiyaan be-khwabiyaan likkhoon | मसाइब उलझनें बे-ताबियाँ बे-ख़्वाबियाँ लिक्खूँ

  - Mahmooda Gaziya
मसाइबउलझनेंबे-ताबियाँबे-ख़्वाबियाँलिक्खूँ
मगरखेतोंकीशादाबी
गुलोंकीरौनक़ेंकलियोंकाधीमाहुस्नरौशनफूलअंगारे
फ़लकपरजगमगातेमाह-ओ-अंजुमकासजीला-पन
सबाकीशोख़ियाँनर्मीहवाकीगुलकापैराहन
जोमंज़रमुझसेबाहरहैं
कभीलगताहैशायदमुझसेबेहतरहैं
कभीलगताहैमुझको
किवोबे-ताबियाँबे-ख़्वाबियाँजोमेरेअंदरहैं
उन्हेंकलियोंकाधीमा-पनसजावटमाह-ओ-अंजुमकीअचानकमिलगईजैसे
सबाकीशोख़ियोंसेगुदगुदानेवालेदिनआए
हवाकानर्मझोंकाजोअभीआँचलसेउलझाथाकोईपैग़ामलायाहै
गुलोंकीरौनक़ेंकलियोंकाधीमाहुस्नरौशनफूलअंगारे
फ़लकपरजगमगातेमाह-ओ-अंजुमकासजीला-पन
सबाकीशोख़ियाँनर्मीहवाकीगुलकापैरहन
येमंज़रमेरेअंदरयूँँउतरतेजारहेहैं
सबाकीशोख़ियोंसेगुदगुदानेवालेदिनआएनहींतो
रहेहैं
  - Mahmooda Gaziya
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