लरज़तेसायोंसेमुबहमनुक़ूशउभरतेहैं
इकअन-कहीसीकहानी,इकअन-सुनीसीबात
तवीलरातकीख़ामोशियोंमेंढलतीहै
फ़सुर्दालम्हेख़लाओंमेंरंगभरतेहैं
सदाएँज़ेहनकीपिन्हाइयोंमेंगूँजतीहैं
ख़िज़ाँकेसाएझलकतेहैंतेरीआँखोंमें
तिरीनिगाहोंमेंरफ़्ताबहारोंकाग़महै''
हयातख़्वाब-गहोंमेंपनाहढूँडतीहै
फ़सुर्दालम्हेख़लाओंमेंरंगभरतेहैं
येगर्दिश-ए-मह-ओ-सालआज़माचुकीहैजिन्हें
येगर्दिश-ए-मह-ओ-सालआज़मारहीहैहमें
मगरयेसोचकिअंजाम-ए-कारक्याहोगा
दवामतेरामुक़द्दरहैऔरनमेरानसीब
दवामकिसकोमिलाहैजोहमकोमिलजाता?
येचंदलम्हाअगरजावेदाँनहोजाते
मैंसोचताहूँकिअपनानिशानक्याहोता
कहाँपेटूटताजब्र-ए-हयातकाअफ़्सूँ
कहाँपहुँचकेख़यालोंकोआसरामिलता?
फ़सुर्दालम्हो,अभीऔरबे-कराँहोजाओ
फ़सुर्दालम्हो,औरबे-कराँहोजाओ