जहाँपरनफ़रतोंकेखुरदुरेदस्तूरहोतेहैं
वहाँपरप्यारकेक़िस्सेबहुतमशहूरहोतेहैं।।
येरिश्तोंकेउजालेभीचमकतेऔरबुझतेहैं,
कहींयेअश्कहोतेहैंकहींसिन्दूरहोतेहैं।।
बदलतेहैंजोकपड़ोंकीतरहअपनेइरादोंको
बहुतखुदगर्ज़होतेहैंबहुतमग़रूरहोतेहैं।।
तुम्हारेगाँवमेंआकरमैंइतनाजानपायाहूँ,
सभीरिश्तेयहाँपरप्यारसेभरपूरहोतेहैं।।
दिलोंकीइसशरारतकोसमझनाहैबहुतमुश्किल,
वहीक्यूँँयादआतेहैंजोहमसेेदूरहोतेहैं।।