सामनेआओकिमैंचेहरा-ए-ज़ेबादेखूँ
औरइसआईनेमेंअक्सफिरअपनादेखूँ
तुमहीमंज़िलहोतुमहीगौहर-ए-मक़्सूदमिरा
देखकरतुमकोमैंक्याऔरतमाशादेखूँ
तुमहीबतलाओकिइसकार-गह-ए-हस्तीमें
क्यानदेखूँमैंअगरदेखूँतोक्याक्यादेखूँ
तुझकोयेनाज़कोईपानसकेगाहरगिज़
मुझकोयेज़िदकितिरानक़्श-ए-कफ़-ए-पादेखूँ
तूनेचाहातोबहुतगर्दिश-ए-अय्यामकिमैं
ख़ुदतमाशाबनूँअपनाहीतमाशादेखूँ
काशइसज़ीस्तमेंवोवक़्तभीआए'महबूब'
चारसूदहरमेंईमाँकाउजालादेखूँ