raah-e-wafa men girte sambhalte rahe miyaan | राह-ए-वफ़ा में गिरते सँभलते रहे मियाँ

  - Madhosh Bilgrami
राह-ए-वफ़ामेंगिरतेसँभलतेरहेमियाँ
थकनेकेबा-वजूदभीचलतेरहेमियाँ
इकउम्रतेज़धूपमेंजलतेरहेमियाँ
आईना-ख़ानेदिलकेपिघलतेरहेमियाँ
येशामकाधुँदलकायेवहशतयेख़ामुशी
तन्हाबरामदेमेंटहलतेरहेमियाँ
कुछलोगमंज़िलोंसेभीआगेनिकलगए
इकहमकिअपनेहाथहीमलतेरहेमियाँ
आईनाजबभीदेखाहैचेहराथाइकनया
हमजानेकितनेसाँचोंमेंढलतेरहेमियाँ
सहराथेइतनेसर्दकियख़होगयावजूद
उतरेसमुंदरोंमेंतोजलतेरहेमियाँ
ख़्वाबोंकीबस्तियोंसेबड़ीतमकनतकेसाथ
पल-पलकईजनाज़ेनिकलतेरहेमियाँ
दरियालहूकेयासकेअश्कोंकेआगके
हरगोशा-ए-ज़मींसेउबलतेरहेमियाँ
धारारोकाजासकातारीख़काकभी
हालातज़िंदगीकेबदलतेरहेमियाँ
  - Madhosh Bilgrami
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