मैंनेकहायेमुल्कएकहै
तोसबकेलिएएकसाहोक़ानून
तोउन्होंनेकहाकि
मैंफिरका-परस्तकीतरहबोलताहूँ
मैंनेकहाकिमंदिरमस्जिदसेज़ियादाज़रूरीहै
ता'लीमहरइंसानकोऔरहरपेटकोरोटी
तोउन्होंनेकहाकि
मैंनास्तिकसाईश्वरकोज़रूरतमेंतोलताहूँ
मैंनेकहाकितुमहमनेचुनेहो
तोहमाराविकासकरो
नसिर्फ़अपनीतिजोरियाँभरो
तोउन्होंनेकहाकि
मैंबे-वज्हराज़खोलताहूँ
मैंनेकहासारामुल्कएकहै
बसकुछदिनमेंबदलदेंगे
मिलकरहमसारानिज़ाम
वोकुछनहींबोलेअब
बसहँसतेरहे
मेरीबातऔरमेरेख़यालातपर
अबवोसबज़ोरसेहँसरहेहै
औरमेरेपाँवजैसेधरतीमेंधँसरहेहैं
मैंजानताहूँकिवोसारेमुल्कपरहँसरहेहैं