har ek lamha mirii aag men guzaare koi | हर एक लम्हा मिरी आग में गुज़ारे कोई

  - Madan Mohan Danish
हरएकलम्हामिरीआगमेंगुज़ारेकोई
फिरउसकेबा'दमुझेइश्क़मेंउतारेकोई
मैंअपनीगूँजकोमहसूसकरनाचाहताहूँ
उतरकेमुझमेंमुझेज़ोरसेपुकारेकोई
अबआरज़ूहैवोहरशयमेंजगमगानेलगे
बसएकचेहरेमेंकबतकउसेनिहारेकोई
फ़लकपेचांद-सितारेटँगेहैंसदियोंसे
मैंचाहताहूँज़मींपरइन्हेंउतारेकोई
हैदुखतोकहदोकिसीपेड़सेपरिंदेसे
अबआदमीकाभरोसानहींहैप्यारेकोई
  - Madan Mohan Danish
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