ham chehra-e-zunnaar ko pooja nahin karte | हम चेहरा-ए-ज़ुन्नार को पूजा नहीं करते

  - M. S. Rahi
हमचेहरा-ए-ज़ुन्नारकोपूजानहींकरते
या'नीदिल-ए-ख़ुद्दारकोरुस्वानहींकरते
हमदामन-ए-पिंदारकोमैलानहींकरते
अज्दादकेकिरदारकोबेचानहींकरते
अहल-ए-वतनआपसेइतनीहैगुज़ारिश
सींचेहुएगुलज़ारकोरौंदानहींकरते
कश्तीकोकिनारेपेलेआनाहीबहुतहै
गिर्दाब-ए-ज़रर-बारकोरोकानहींकरते
तख़रीबहीता'मीरकीबुनियादहैयारो
उजड़ेहुएघर-बारकोरोयानहींकरते
गुलज़ारकेफूलोंकीहिफ़ाज़तहैइबादत
'राही'तोकभीख़ारकोसींचानहींकरते
  - M. S. Rahi
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