मुझेज़िन्दगीसेशिकायतहुईजब
क़लमनेमिरीमुझकोकायरलिखाहै
बिखरसागयाटूटकरज़ीस्तमेंपर
किसीनेयहाँमुझकोपत्थरलिखाहै
लिखीपीरदिलकीमगरचुपकेचुपके
यहाँदर्दभीमैंनेडरकरलिखाहै
नहींकोईचाहतथीसागरकीमुझको
किसहरामेंबहकरमुक़द्दरलिखाहै
उसेकोईकहदेनशिकवाकरेवो
उसेअपनीग़ज़लोंमेंजमकरलिखाहै