ye jo rah rah ke sar-e-dasht hawa chalti hai | ये जो रह रह के सर-ए-दश्त हवा चलती है

  - Liaqat Jafri
येजोरहरहकेसर-ए-दश्तहवाचलतीहै
कितनीअच्छीहैमगरकितनाबुराचलतीहै
एकआसेबतआक़ुबमेंलगारहताहै
मैंजोरुकताहूँतोफिरउसकीसदाचलतीहै
हाएवोसाँसकिरुकतीहैतोक्यारुकतीहै
हाएवोआँखकिचलतीहैतोक्याचलतीहै
पेश-ख़ेमाहैकिसीऔरनईवहशतका
येजोइतराकेअभीबाद-ए-सबाचलतीहै
तीरचलतेहैंलगातारसवाद-ए-जाँमें
औरतलवारकोईएकजुदाचलतीहै
बीचदरियाकेअजबजश्नबपाहैयारो
साथकश्तीकेकोईमौज-ए-बलाचलतीहै
आजकुछऔरहीमंज़रहैमिरेचारोंतरफ़
ग़ैर-महसूसतरीक़ेसेहवाचलतीहै
मैंब-ज़ाहिरतोहूँआसूदामेरेअंदर
धी
मेंधी
मेंसेकहींआह-ओ-बुकाचलतीहै
यूँँतोबेबाकबनाफिरताहैवोयारोंमें
उसकीआँखोंमेंअजबशर्म-ओ-हयाचलतीहै
मेरेमौलाजोरहेसिर्फ़कहातेरारहे
मेरेहोंटोंपेयहीएकदु'आचलतीहै
  - Liaqat Jafri
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