koi samjhaao dariyaa ki ravaani kaatti hai | कोई समझाओ दरिया की रवानी काटती है

  - Liaqat Jafri
कोईसमझाओदरियाकीरवानीकाटतीहै
किमेरेसाँसकोतिश्ना-दहानीकाटतीहै
मैंबाहरतोबहुतअच्छाहूँपरअंदरहीअंदर
मुझेकोईबला-ए-ना-गहानीकाटतीहै
मैंदरियाहूँमगरकितनासतायाजारहाहूँ
किबस्तीरोज़केमेरापानीकाटतीहै
ज़मींपरहूँमगरकटकटकेगिरताजारहाहूँ
मुसलसलइकनिगाह-ए-आसमानीकाटतीहै
मैंकुछदिनसेअचानकफिरअकेलापड़गयाहूँ
नएमौसममेंइकवहशतपुरानीकाटतीहै
किराजामरचुकाहैऔरशहज़ादेजवाँहैं
येरानीकिसतरहअपनीजवानीकाटतीहै
नज़रवालोतुम्हारीआँखसेशिकवाहैमुझको
ज़बाँवालोतुम्हारीबे-ज़बानीकाटतीहै
  - Liaqat Jafri
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