कोईसमझाओदरियाकीरवानीकाटतीहै
किमेरेसाँसकोतिश्ना-दहानीकाटतीहै
मैंबाहरतोबहुतअच्छाहूँपरअंदरहीअंदर
मुझेकोईबला-ए-ना-गहानीकाटतीहै
मैंदरियाहूँमगरकितनासतायाजारहाहूँ
किबस्तीरोज़आकेमेरापानीकाटतीहै
ज़मींपरहूँमगरकटकटकेगिरताजारहाहूँ
मुसलसलइकनिगाह-ए-आसमानीकाटतीहै
मैंकुछदिनसेअचानकफिरअकेलापड़गयाहूँ
नएमौसममेंइकवहशतपुरानीकाटतीहै
किराजामरचुकाहैऔरशहज़ादेजवाँहैं
येरानीकिसतरहअपनीजवानीकाटतीहै
नज़रवालोतुम्हारीआँखसेशिकवाहैमुझको
ज़बाँवालोतुम्हारीबे-ज़बानीकाटतीहै