KHaamushi ko sadaa men rakha gaya | ख़ामुशी को सदा में रक्खा गया

  - Liaqat Jafri
ख़ामुशीकोसदामेंरक्खागया
एकजादूहवामेंरक्खागया
चाक-ए-जाँसेउतारकरकूज़ा
सहन-ए-आब-ओ-हवामेंरक्खागया
फिरमुरत्तबकिएगएजज़्बातइश्क़कोइब्तिदामेंरक्खागया
संग-ए-बुनियादथीख़लाओंकी
एकपत्थरहवामेंरक्खागया
एककोंपलसजाईअचकनपर
एकख़ंजरक़बामेंरक्खागया
एकदरियाउठाकेलायागया
दश्त-ए-कर्ब-ओ-बलामेंरक्खागया
मुश्तहरकीगईंदुआएँबहुत
औरअसरबद-दुआमेंरक्खागया
मुझकोतख़्लीक़सेगुज़ारागया
औरख़ुदाकीरज़ामेंरक्खागया
इन्किशाफ़ातहोचुकेसारे
मोजज़ेकोअनामेंरक्खागया
  - Liaqat Jafri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy