baghair zevron ke bhi haseen hai yaqeen hai | बग़ैर ज़ेवरों के भी हसीन है यक़ीन है

  - Lankesh Gautam
बग़ैरज़ेवरोंकेभीहसीनहैयक़ीनहै
वफ़ाजोओढ़लेवोनाज़नीनहैयक़ीनहै
परिंदगीमेंइसतरहसेछूरहाहूँआसमाँ
किआसमाँभीअबमेरीज़मीनहैयक़ीनहै
इसीलिएवोपूछतीहैप्यारपरयक़ींहैक्या
मैंना-मुरादबोलदूँयक़ीनहैयक़ीनहै
अगरतुम्हारेनक़्श-ए-पामिलेंवफ़ाकीराहपर
तवीलरास्ताभीख़ुश-तरीनहैयक़ीनहै
उसेयेलगरहाहैफिरशराबपीगईमुझे
वोदोदिखाकेपूछताहैतीनहैयक़ीनहै
तेरीसदाकीधुनपेझूमतारहूँगाउम्रभर
मैंनागहूँतेराकलामबीनहैयक़ीनहै
गोमुझकोमौलवीबतारहाथायेहरामहै
मगरतूकहरहाहैइसमेंदीनहैयक़ीनहै
  - Lankesh Gautam
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