सहरजबबिस्तर-ए-राहतसेवोरश्क-ए-क़मरउट्ठा
ग़ुलामीउसकीमेंख़ुर्शीदलेतेग़-ओ-सिपरउट्ठा
अभीतस्कींहुईथीइकज़राफ़रियाद-ओ-ज़ारीसे
लगादिलमुज़्तरिबहोनेकिफिरदर्द-ए-जिगरउट्ठा
गलेपरमेरेख़ंजरफेरतावोऔरभीलेकिन
हुईमुझसेख़ताइतनीकिमैंफ़रियादकरउट्ठा
नहींमा'लूमऐयारो'सबा'केदिलमेंक्याआया
अभीजोबैठेबैठेवोयकायकआहकरउट्ठा