aah men ai dil-e-mazloom asar paida kar | आह में ऐ दिल-ए-मज़लूम असर पैदा कर

  - Lala Anoop Chand Aaftab Panipati
आहमेंदिल-ए-मज़लूमअसरपैदाकर
जिसमेंसौदा-ए-मोहब्बतहोवोसरपैदाकर
ग़मकातूफ़ाँभीअगरआएतोकुछफ़िक्रकर
क़ौमकादर्दहरइकदिलमेंमगरपैदाकर
ज़ुल्मत-ए-ग़मकानिशाँतकनज़रआएकहीं
वोख़यालातकीदुनियामेंसहरपैदाकर
सरफ़रोशोंकीतरहपहलेमिटादेख़ुदको
हिन्दकीख़ाकसेफिरलाल-ओ-गुहरपैदाकर
आगबे-फ़ैज़कीदौलतकोलगादेयारब
कामआएजोग़रीबोंकेवोज़रपैदाकर
आजभीक़ौमकेशे'रोंकालहूहैतुझमें
हौसलारामकाभीषमकाजिगरपैदाकर
होंहनूमानऔर'अंगद'सेहज़ारोंयोद्धा
सैंकड़ोंभीमऔरअर्जुनसेबशरपैदाकर
आसमाँकाँपताहैनामसेजिनकेअबतक
आजफिरक़ौममेंवोलख़्त-ए-जिगरपैदाकर
फिरज़रूरतहैजवाँमर्दोंकीमादर-ए-हिन्द
राणा-प्रतापसेख़ुद्दारबशरपैदाकर
अहद-ए-रफ़्तामेंजनमतूनेदियाथाजिनको
मादर-ए-हिन्दवहीनूर-ए-नज़रपैदाकर
चैनराहतसेअगरउम्रबसरकरनीहै
दिलमेंअग़्यारकेभीउन्ससेघरपैदाकर
गरतमन्नाहैकिहोसाराज़मानाअपना
जज़्बा-ए-इश्क़-ओ-मुहब्बतकीनज़रपैदाकर
'आफ़्ताब'अबतिरीतक़दीरकाचमकेगाज़रूर
मर्दबनकरकोईदुनियामेंहुनरपैदाकर
  - Lala Anoop Chand Aaftab Panipati
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