gham ki chha jaayegi duniya men ghatta mere ba'ad | ग़म की छा जाएगी दुनिया में घटा मेरे बा'द

  - Lala Anoop Chand Aaftab Panipati
ग़मकीछाजाएगीदुनियामेंघटामेरेबा'द
औरबरसेंगेबहुततीर-ए-बलामेरेबा'द
देखनाहश्रक्याहोताहैकिजबआएगी
दर-ओ-दीवारसेरोनेकीसदामेरेबा'द
बिजलियाँचमकेंगीआलाम-ओ-मसाइबकीअगर
ग़मकीचलजाएगीहरसम्तहवामेरेबा'द
अपनीठोकरसेमिरीक़ब्रकोढायाकर
ज़ुल्मयेऔरभीज़ालिमनेकियामेरेबा'द
आजदिलखोलकेतुमज़ुल्म-ओ-सितमकरडालो
फिरचलाओगेकहाँतेग़-ए-जफ़ामेरेबा'द
मेरीसूरतसेभीचिढ़होगईपैदाजिनको
ख़ूँरुलाएगीउन्हेंमेरीवफ़ामेरेबा'द
हाथसेअपनेमिटानेपेतुलेहोलेकिन
कौनभुगतेगामोहब्बतकीसज़ामेरेबा'द
ख़ुदहीपछताओगेदुनियासेमिटाकरमुझको
तुमकोबेदादकाआएगामज़ामेरेबा'द
अपनेबीमार-ए-मोहब्बतकोतड़पाओतुम
फिरदिखालेनाउन्हेंनाज़-ओ-अदामेरेबा'द
वोबहानेलगेआँखोंसेलहूकेआँसू
रंगलेआईहैयेमेरीवफ़ामेरेबा'द
'आफ़्ताब'आजमोहब्बतनेअसरदिखलाया
उनकेसीनेमेंभीअबदर्दउठामेरेबा'द
  - Lala Anoop Chand Aaftab Panipati
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