“गलीकीहवा”
बरसोंपहले,एकमोहल्लेमें
यारोंसंग,एकछोटासाघरथाअपना
उसगलीमेंकुछख़ासथा
वहाँएकहवाचलतीथी
दूरमन्दिरसेचलके,फाटककोचीरती
कभीपैदलतोकभीमोटरपेजैसे
वोदिलकोसुकूनऔरतबियतकोख़ुशीदेजातीथी
कभीनाबहेतोएकअजीबमायूसीभीलातीथी
गर्मियोंमेंठंड,सर्दियोंमेंगर्म
कभीबड़ेसाहबतूफ़ाँकेसाथ
डरकोमेरेबहकातीथी
तोकभीमेरेसुरोंकेसाथमिलधुनहीबनजातीथी
दिनधूपऔररातयारोंकेनाम
मेरेउसमोहल्लेकीकुछऐसीहीकहानीथी
बसजाम,संगीतऔरहँसी
शायदवोहीमेरीजवानीथी
बरसोंपहले,उसगलीमेंकुछतोख़ासथा
वहाँएकहवाचलतीथी