इजाज़त हो अगर इक बात पूछूँ

  - KUNAL
इजाज़तहोअगरइकबातपूछूँ
हमारीबातअबहोतीनहींक्यूँँ
तुम्हाराहाथहाथोंमेंनहींहै
सिकंदरहूँमगरहाराहुआहूँ
अधूरीदास्ताँफिररहगईहै
वहीबरसोंपुरानेक़िस्सेकीजूँ
मरीज़-ए-इश्क़हूँपत्थरउठाओ
समझलोआजसेमुझकोभीमजनूँ
नहींक़ाएलथेजबदौड़ारगोंमें
फिरेहैख़ौलतासड़कोंपरअबख़ूँ
  - KUNAL
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy