fasaanon men hi bas parhe hain abhii aap | फ़सानों में ही बस पढ़े हैं अभी आप

  - KUNAL
फ़सानोंमेंहीबसपढ़ेहैंअभीआप
दिवानेकहाँख़ुदहुएहैंअभीआप
किताबीहैंदुखआपकेसबअभीतक
दुखोंकोकहाँहीसहेहैंअभीआप
यक़ींकैसेकरलेंअभीबंदगीपर
ख़ुदाकबकिसीकेबनेहैंअभीआप
उताराफ़क़तहैलिबास-ए-'उरूसी
हयासेमगरपुरढकेहैंअभीआप
मुहब्बतकाख़ालीभरमकररहेहैं
मुहब्बतकहाँकररहेहैंअभीआप
  - KUNAL
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