dar hi nahin kisi ka to ab kyun ghabr | डर ही नहीं किसी का तो अब क्यूँँ घबराए बैठे हैं

  - KUNAL
डरहीनहींकिसीकातोअबक्यूँँघबराएबैठेहैं
रस्तासीधाथातोफिरकिसमोड़पेआएबैठेहैं
ढूँढ़रहाथाशख़्सहमेंजोपासहमारेबैठा
किससेउसकोमिलवातेहमख़ुदकोभुलाएबैठेहैं
ग़लतलगातेहोअंदाज़ादेखइनशांतसेचेहरोंको
येवोल्केनोभीतरइकसैलाबछुपाएबैठेहैं
जिस्मकासौदाकरतारहताहूँदिलकोकैसेबेचूँ
यहीहैएकअमानतउसकीजिसकोबचाएबैठेहैं
सिमतोड़ाफिरफ़ोनजलायाआगलगाईख़ुदकोऔर
फिरकुर्सीपरबैठेऔरहमज़हरभीखाएबैठेहैं
  - KUNAL
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy