yahii vo chahta tha ishq ye naasoor ho jaa.e | यही वो चाहता था इश्क़ ये नासूर हो जाए

  - Krish Gour 'Jazbaat'
यहीवोचाहताथाइश्क़येनासूरहोजाए
जिसेहमचाहलेंवोशख़्सहमसेेदूरहोजाए
अगरवोचाहताउसकेलिएरिश्तानिभातामैं
मगरवोचाहताहैशख़्सयेमजबूरहोजाए
सुनोमैंहुस्न-दाँतोहूँनहींपरयेसमझताहूँ
उसेछूनेसेसूखादाखभीअंगूरहोजाए
बहुतकुछबोलनेकहनेकिउसकोक्याज़रूरतहै
अगरइकलफ़्ज़भीकहदेतोवोभरपूरहोजाए
सदीइक्कीसवीहैयेकहींऐसाहोइकदिन
तूउसकोचाहनेमेंख़ुदसेकोसोंदूरहोजाए
  - Krish Gour 'Jazbaat'
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