ऐसा बे-कार जुनूँ क्या कीजे

  - Jalaal
ऐसाबे-कारजुनूँक्याकीजे
उसकीआँखोंकाफ़ुसूँक्याकीजे
अपनेहाथोंमुदावाकोई
सोचकरहाल-ए-ज़बूँक्याकीजे
कुछनहींख़ुदकीज़लालतहैमियाँ
हरजवाबउसकाहैक्यूँँक्याकीजे
शामढलतेहीउदासीकाशजर
होनेलगताहैनुमूँक्याकीजे
हैमोहब्बतसर-ए-मिम्बरहीसही
होयेसरजोनिगूँक्याकीजे
जिससहारेसेलिपटकररोया
ढहगयावोभीसुतूँक्याकीजे
आबला-पाईसेशलएकतरफ़
फिरभीहैरक़्स-ए-जुनूँक्याकीजे
अबतोदिलग़र्क़-ए-नदामतहै'जलाल'
होसदाकुन-फ़यकूँक्याकीजे
  - Jalaal
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