socha kaise jaa.e kuchh filhaal ke aage bhi | सोचा कैसे जाए कुछ फ़िलहाल के आगे भी

  - Shayra kirti
सोचाकैसेजाएकुछफ़िलहालकेआगेभी
सालहीबढ़नेहैआख़िरइससालकेआगेभी
पैरजमानेभीक्यूँँइसमायावीदुनियामें
लामहदूदजहाँहैइसख़द-खालकेआगेभी
आपगिरासकतेहैंमुझकोमिटानहींसकते
मेरेपीछेवोहैजोहैउसकालकेआगेभी
आजकेयोयोक्यासमझेनुसरतकेतरानोंको
औरतकीकोईज़ातहैचीज़औरमालकेआगेभी
फ़ोनतोइककरकेदेखूँपूछूँकैसाहैवो
परफिरबातबढ़ेगीहालकालकेआगेभी
लड़कीकोब्याहलातेहैंफिरभूलहीजातेहैं
उसकीकोईदुनियाहैससुरालकेआगेभी
  - Shayra kirti
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