zabaan se lafz aankhoñ se na ab aañsu nikalte hainna palkon pe meri koii naye se khwaab palte hain | ज़बाँ से लफ़्ज़ आँखों से न अब आँसू निकलते हैं

  - Priya omar
ज़बाँसेलफ़्ज़आँखोंसेअबआँसूनिकलतेहैं
पलकोंपेमेरीकोईनएसेख़्वाबपलतेहैं
हुईनफ़रतउगेअहसासकेसारेदरख़्तोंसे
किसंग-ए-दिलपेहूँहैराँमेरेक्यूँतुख़्मफलतेहैं
किसीकेहाथमेंकुछभीनहींसमझोमेरेयारो
कहाँआड़ीलकीरोंसेनसीबाखेलचलतेहैं
अजबफ़ितरतहैलोगोंकीख़ुदकाअक्सपहचानें
कभीचेहरेबदलतेहैंकभीरंगतबदलतेहैं
हुजूम-ए-ग़ममेंउलझीतोसुख़नसेदोस्तीकरली
समुंदरबेकलीकेफिरग़ज़लबनकेउछलतेहैं
भरोसाटूटजाएतोतलाफ़ीहोनहींसकती
'प्रिया'गिर्दाबमेंकबतकफँसेरिश्तेसँभलतेहैं
  - Priya omar
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