मेरेनामउल्फ़तमेंखारिज़अर्जियाँकितनी
शह्र-ए-ज़ीस्तमेंरहतीअबउदासियाँकितनी
दर्दमेंकभीशानेभीनदेसकेमुझको
फ़ोनपरदियाकरतेजोतसल्लियाँकितनी
हौसलाग़ज़बकाभरदेतीहैंमेरेअंदर
बारहायेगिरतींफिरउठतींचीटियाँकितनी
कबमज़ूरोंकेहिस्सेमेंसुकूँकेपलआएँ
यूँँतोदर्दसेअक्सरचटकींहड्डियाँकितनी
अबनदरदरीचोंपरधूपकीकोईदस्तक
क़दइमारतोंकेढकजातीं,बस्तियाँकितनी
तुमभीएकशायरहोशा'इरीसेहोज़रदार
परहमारेहिस्सेमेंकमहैंरोटियाँकितनी
लुटरहीहैंकलियोंकीअस्मतें'प्रिया'जबसे
देखअबबग़ीचोंकोडरतींतितलियाँकितनी