dikhne lage hain aaj yuñ manzar zameen par | दिखने लगे हैं आज यूँँ मंज़र ज़मीन पर

  - SAMEER TYAGI
दिखनेलगेहैंआजयूँँमंज़रज़मीनपर
बरसारहाहैअब्रभीपत्थरज़मीनपर
रंजिशघुलीहैगाँवकीआब-ओ-हवामेंयूँँ
गेहूँनहींयेउगरहेख़ंजरज़मीनपर
उगतीनहींहैघासकभीक़ब्रपेमेरी
हिस्सादियाहैमौतनेबंज़रजमीनपर
मिलनेकोतोख़ुदाभीमिलालोगोंकोयहाँ
हमकोनहींमिलाकोईरहबरज़मीनपर
अपनारसूख़आपबरतनासँभालकर
ख़ालीपड़ाहुआथासिकंदरज़मीनपर
इंसाननेभराहैजोकूड़ेसेउसकापेट
चलनेलगाफिरअबतोसमुंदरज़मीनपर
  - SAMEER TYAGI
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